दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!

ये धोखा!!

March 16, 2006 · 4 Comments

कैसा है यह दिमाग, कैसी है यह बुद्धि, बात बात पर धोखा दे जाती है। एकाध दिन पहले एक मित्र ने मुझे ईमेल द्वारा एक अनुप्राणित(ऐनिमेटिड) चित्र भेजा और साथ में भेजी कुछ हिदायतें, जिन पर अमल किया तो परिणाम देख खोपड़ी ही घूम गई।

तो आप भी अपनी खोपड़ी घुमाईये, प्रस्तुत है वह चित्र।

  1. ऊपर दिए गए चित्र में यदि आपकी आँखें चमकते हुए गुलाबी बिन्दु का पीछा करेंगी तो आपको मात्र गुलाबी रंग ही दिखाई पड़ेगा।
  2. यदि आप मध्य में स्थित “+” को घूरेंगे तो चमकता हुआ बिन्दु आपको हरे रंग का दिखाई पड़ेगा।
  3. अब यदि आप केन्द्र में स्थित “+” पर अपना ध्यान केन्द्रित करेंगे तो धीरे धीरे सभी गुलाबी बिन्दु गायब हो जाएँगे और केवल हरा बिन्दु दिखाई पड़ेगा।

क्यों भई, खा गई न खोपड़ी चक्कर? ;) अब असल बात तो यह है कि न ही कोई हरा बिन्दु है और न ही गुलाबी बिन्दु गायब होते हैं। बस यह तो हमारे दिमाग को धोखा हो रहा था!! :D

तो इससे क्या सिद्ध होता है? यही कि हम जो देखते हैं, आवश्यक नहीं कि वह सत्य हो। ;)

Categories: mindless rants · फ़ालतू बड़बड़

4 responses so far ↓

  • Readers-cafe // March 16, 2006 at 10:04 am

    दिमाग कह रहा है - जरा नजरों से कह दो जी निशाना चूक ना जाय

  • Nidhi // March 17, 2006 at 5:59 pm

    दिमाग कह रहा है - जरा नजरों से कह दो जी निशाना चूक ना जाय, hehehehe such funny comment

    Ya, I dont know how it works, its amazing.

    I liked it alot. I feel like sending it to others also.

    Cheers
    Nidhi

  • Amit // March 18, 2006 at 2:21 am

    I liked it alot. I feel like sending it to others also.

    अवश्य भेजिए, कोई मनाही थोड़े ही है!! :)

  • Ankur Gupta // March 27, 2006 at 7:52 am

    cool

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