भाईसाहब, एकदम ऊपर के चित्र में कहीं आप “किंगफीसर” का विज्ञापन तो नहीं कर रहे ।
अरे आप तो तुरंत ही ताड़ गए, यार डाबर च्यवनप्राश खाते हो क्या?? वैसे नीरज भाई और प्रतीक बाबू ने कोशिश तो बहुत की बोतल पर से लेबल छुपाने की लेकिन चूक गए!!
दिखाओ दिल जलाने को….
काश इनमें हम भी होते कहीं
क्यों नहीं थे, हमने तो कितना बुलाया लेकिन आप ही कन्नी काट गए जी!! तो आपको यह तो महसूस कराना था ना कि आप लोगों ने क्या छोड़ा, सो इसलिए पूरी दास्तां तस्वीरों में उतारी थी!! वैसे यदि आप होते तो आपकी भी बीयर की बोतल के साथ उतार देते, फ़ोटो मेरा मतलब!!
5 responses so far ↓
Prabhakar Pandey // October 28, 2006 at 5:47 am
लुभावने चित्र ।
भाईसाहब, एकदम ऊपर के चित्र में कहीं आप “किंगफीसर” का विज्ञापन तो नहीं कर रहे ।
SHUAIB // October 28, 2006 at 10:42 am
दुबारा देखाने के लिए शुक्रिया अमितजी,
और ये दोनों साहिबान प्रातिक भाई और नीरज भाई जैसे देखने वालों को दावत दे रहे हैं
ratna // October 28, 2006 at 10:54 am
सभी फोटो बहुत अच्छे आए है।
संजय बेंगाणी // October 28, 2006 at 10:55 am
दिखाओ दिल जलाने को….
काश इनमें हम भी होते कहीं
Amit // October 28, 2006 at 2:32 pm
धन्यवाद सभी का।
अरे आप तो तुरंत ही ताड़ गए, यार डाबर च्यवनप्राश खाते हो क्या??
वैसे नीरज भाई और प्रतीक बाबू ने कोशिश तो बहुत की बोतल पर से लेबल छुपाने की लेकिन चूक गए!!
क्यों नहीं थे, हमने तो कितना बुलाया लेकिन आप ही कन्नी काट गए जी!! तो आपको यह तो महसूस कराना था ना कि आप लोगों ने क्या छोड़ा, सो इसलिए पूरी दास्तां तस्वीरों में उतारी थी!!
वैसे यदि आप होते तो आपकी भी बीयर की बोतल के साथ उतार देते, फ़ोटो मेरा मतलब!!