शुएब साहब, पहली कड़ी से अभी तक की तस्वीरें मई से अगस्त के दौरान की गई मेरी यात्राओं से हैं, यात्राओं के क्रम में। इस कड़ी में पहली छह तस्वीरें कलसी से हैं और अंतिम चार तुन्गनाथ यात्रा से हैं।
हाँ वह मेरे पसंदीदा चित्रों में से एक है। वह कलसी से वापस आते समय लिया था। सूर्यास्त बहुत सुंदर दिख रहा था जिसकी तस्वीर मैं लेना चाहता था पर हमारे बहुत कहने के बाद भी हमे वह चित्र नहीं लेने दिया गया। बाद में यार लोग जब चाय-पानी के लिए एक ढाबे पर रूके तो यह चित्र लिया, सूर्यास्त हो चुका था और केवल कुछ रंग ही बाकी रह गए थे जिनको कैमरे में तुरंत बंद किया।
9 responses so far ↓
राम चन्द्र मिश्र // October 30, 2006 at 2:22 am
पाँचवी, और अंतिम दोनो, मुझे बहुत अच्छी लगीं।
सबसे अच्छी नवीं।
धन्यवाद!
Tarun // October 30, 2006 at 9:05 am
सभी बड़े ही लुभावने चित्र हैं
Jitu // October 30, 2006 at 10:11 am
Great pix.
संजय बेंगाणी // October 30, 2006 at 10:16 am
आकर्षक तस्वीरें हैं.
SHUAIB // October 30, 2006 at 10:46 am
अमीतजीः सभी तसवीरें बढिया हैं मगर ये नही बताया कि कहां की हैं? इन खूबसूरत मनज़रों को शेयर करने के लिए आपका धन्यवाद।
Amit // October 30, 2006 at 1:10 pm
पसंद करने के लिए सभी का धन्यवाद।
शुएब साहब, पहली कड़ी से अभी तक की तस्वीरें मई से अगस्त के दौरान की गई मेरी यात्राओं से हैं, यात्राओं के क्रम में। इस कड़ी में पहली छह तस्वीरें कलसी से हैं और अंतिम चार तुन्गनाथ यात्रा से हैं।
pankaj bengani // October 30, 2006 at 2:35 pm
अति सुन्दर
उन्मुक्त // October 30, 2006 at 8:37 pm
मुझे तो छटी अच्छी लगी।
Amit // October 31, 2006 at 9:53 am
हाँ वह मेरे पसंदीदा चित्रों में से एक है। वह कलसी से वापस आते समय लिया था। सूर्यास्त बहुत सुंदर दिख रहा था जिसकी तस्वीर मैं लेना चाहता था पर हमारे बहुत कहने के बाद भी हमे वह चित्र नहीं लेने दिया गया। बाद में यार लोग जब चाय-पानी के लिए एक ढाबे पर रूके तो यह चित्र लिया, सूर्यास्त हो चुका था और केवल कुछ रंग ही बाकी रह गए थे जिनको कैमरे में तुरंत बंद किया।