कल(रविवार) सुबह मैं दो दिनों के लिए मित्रों सहित लान्सडौन घूमने जा रहा हूँ। अपनी नव वर्ष की पहली सुबह वहीं होगी।
यात्रा का विवरण आने के बाद|
आप सभी को नव वर्ष 2007 की शुभकामनाएँ, नया साल आप सब के किए मंगलमयी हो।
कल(रविवार) सुबह मैं दो दिनों के लिए मित्रों सहित लान्सडौन घूमने जा रहा हूँ। अपनी नव वर्ष की पहली सुबह वहीं होगी।
यात्रा का विवरण आने के बाद|
आप सभी को नव वर्ष 2007 की शुभकामनाएँ, नया साल आप सब के किए मंगलमयी हो।
Categories: mindless rants · फ़ालतू बड़बड़
11 responses so far ↓
संजय बेंगाणी // December 31, 2006 at 10:48 am
नववर्ष की शुभकामनाएँ
उन्मुक्त // December 31, 2006 at 7:19 pm
विवरण का इन्तजार रहेगा।
मनीष // December 31, 2006 at 11:46 pm
नये साल की हार्दिक शुभकामनाएँ ! तसवीरों का इंतजार रहेगा ।
Shrish // January 1, 2007 at 1:46 am
नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं अमित भाई। तस्वीरें जरुर दिखाना आखिर लैन्सडौन मेरे गृहराज्य में है।
SHUAIB // January 1, 2007 at 3:30 pm
आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनएं
Amit // January 3, 2007 at 12:55 am
शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद, मेरी शुभकामनाएँ तो आप पहले ही टिका चुके होंगे।
अभी एक घंटे पहले वापस लौटा हूँ, जल्द ही विवरण और तस्वीरें उपलब्ध होंगी, फ़िलहाल मैं सोने जा रहा हूँ, बहुत थका हुआ हूँ।
अनुराग मिश्र // January 3, 2007 at 10:49 pm
अरे लैन्सडाउन में मेरी मम्मी पढ़ातीं हैं। खैर इस समय इलाहाबाद में हैं छुट्टियों में।
Amit // January 4, 2007 at 12:27 am
अच्छा? सही है, लेकिन जैसा मैंने देखा, वहाँ रहना आसान नहीं है।
अनुराग मिश्र // January 4, 2007 at 8:12 am
अरे गुरू, पिछले साढ़े पाँच साल से पढ़ा रहीं हैं वहाँ के केन्द्रीय विद्यालय में, ट्रान्सफर ही नहीं होता। हमारे पिताजी रिटायर्ड फौजी हैं और वहाँ मम्मी का साथ दे रहे हैं।
Amit // January 4, 2007 at 10:34 am
बढ़िया है अनुराग बाबू। वहाँ के लोकल लोगों का तो कह नहीं सकता पर दो दिन में जो मैंने देखा उसके अनुसार वहाँ रहना काफ़ी कठिन है, कम से कम मेरे जैसे शहर के रहने वाले के लिए। वैसे छावनी होने के कारण आपके पिताजी को कुछ सुविधाएँ मिल जाती होंगी जो कि सहायक होती होंगी।
world from my eyes - दुनिया मेरी नज़र से!! // March 2, 2007 at 5:21 pm
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….. जंगल में मंगल??
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