दुनिया मेरी नज़र से - world from my eyes!!

दुनिया के अंतिम छोर पर …..

March 21, 2007 · 4 Comments

आहा, अभी पिछले दिसम्बर मैंने “पॉयरेट्स ऑफ़ द कैरिबियन - डैड मैन्स चैस्ट” (कैरिबियन के समुद्री डाकू - मुर्दे का संदूक) के बारे में बताया था कि वह कितनी सही फ़िल्म थी। और साथ ही यह भी बताया था कि इस शृंखला की अंतिम फ़िल्म “पॉयरेट्स ऑफ़ द कैरिबियन - ऐट वर्ल्ड्स एन्ड” (कैरिबियन के समुद्री डाकू - दुनिया के अंतिम छोर पर) से कितनी आशाएँ हैं, फ़िल्म का जबरदस्त होना तय सा है जो कि किसी भी शृंखला की अंतिम फ़िल्म को होना चाहिए। यह अंतिम फ़िल्म इस वर्ष 25 मई को रिलीज़ हो रही है और इसका ट्रेलर मैंने अभी-२ देखा है, वाकई बहुत सही लग रिया है। :D आप भी देखें।

कैसा लगा? झकास दिखे है कि नहीं? ;)

फ़िल्म के बारे में अधिक मसाले के लिए इसकी साइट पर यहाँ देखें

Categories: movies · फ़िल्में

4 responses so far ↓

  • SHUAIB // March 22, 2007 at 12:19 pm

    ट्रेलर दिखाने का शुक्रिया, आपने तो इस को ज़रूर से देखने पर उकसादिया मुझे ;) बहुत दिन हुए कोई अच्छी सी फिल्म देखी - सोच रहा हूं इस जुम्मे को “HANNIBAL RISING” (http://www.hannibalrising.com/) देख आऊँ। आपका क्या विचार है इस नई अंग्रेज़ी फिल्म पर? शायद कि आपने अब तक देखली होगी :)

  • Amit // March 22, 2007 at 2:42 pm

    नहीं जी, Hannibal Rising अभी नहीं देखी, अभी यहाँ पर रिलीज़ नहीं हुई है, पर सुना बहुत है इसके बारे में कि फ़िल्म सही है। वैसे इसके जैसी मैंने एन्थोनी हॉपकिन्स की एक पुरानी फ़िल्म Silence of the Lambs देखी है(उसकी सीडी मेरे पास है) जो कि सही लगी थी।

  • Hitesh // March 30, 2007 at 10:37 am

    yaar ye “sahi” shabd ka prayog abhut hi tuccha artho me karte ho aap…. Jahan “bahut achchaa” kehene ki zaroorat hai wahan “sahi” kehna theek nahi…. :)

  • Amit // April 1, 2007 at 2:56 pm

    yaar ye “sahi” shabd ka prayog abhut hi tuccha artho me karte ho aap…. Jahan “bahut achchaa” kehene ki zaroorat hai wahan “sahi” kehna theek nahi…. :)

    हा हा हा! ;)

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