हर एक का मार्केट है. स्वामी जी का भी. जो स्वमी के विरुद्ध हैं उनका भी मर्केट है. परंतु आना उन्हे भी पडेगा स्वामी के मार्केट से ही . प्रवेश द्वार एक ही है.
मोनोपोली है जी. आज तो 5100 का रेट है.
इब्तदाये युद्ध है रोता है क्या
आगे आगे देखिये होता है क्या.
13 responses so far ↓
eswami // July 17, 2007 at 7:22 am
अनूप शुक्ल // July 17, 2007 at 7:41 am
और आपका युद्ध का समय शुरू होता है अब!
sanjay bengani // July 17, 2007 at 9:01 am
SHUAIB // July 17, 2007 at 9:45 am
Swamiji ke pas bottle bhi hey
PRIYANKAR // July 17, 2007 at 10:21 am
अरे! इनका नाम ही है बोतलस्वामी !
सॉरी! बॉटलस्वामी!
ratna // July 17, 2007 at 10:33 am
हमें तो सुहेब भाई का मशवरा ज्यादा पंसद आया।
Rajesh Roshan // July 17, 2007 at 10:56 am
paramjitbali // July 17, 2007 at 12:06 pm
बहुत बढिया!
समीर लाल // July 17, 2007 at 3:11 pm
जय हो, स्वामी जी के. रेट तो बढ़्ते ही जा रहे हैं.
Amit // July 17, 2007 at 6:07 pm
जी नहीं, ये तो ब्लॉगस्वामी है!!
कौन सा मश्वरा जी? उन्होंने तो सिर्फ़ बताया है कि स्वामी जी के पास आब-ए-हय़ात की बोतल भी है!!
महंगाई का ज़माना है समीर जी, और फिर सलाह की क्वालिटी भी तो बढ़ रही है!!
Arvind chaturvedi // July 17, 2007 at 6:19 pm
हर एक का मार्केट है. स्वामी जी का भी. जो स्वमी के विरुद्ध हैं उनका भी मर्केट है. परंतु आना उन्हे भी पडेगा स्वामी के मार्केट से ही . प्रवेश द्वार एक ही है.
मोनोपोली है जी. आज तो 5100 का रेट है.
इब्तदाये युद्ध है रोता है क्या
आगे आगे देखिये होता है क्या.
वाह स्वामी!! आह स्वामी!!!!
Shrish // July 17, 2007 at 11:55 pm
भई पहले ५०० फिर १००० अबकी सीधे ५१००, ये स्वामी जी तो अब हम गरीबों की पहुँच के दूर होते जा रहे हैं।
वैसे स्वामी जी के टिप्स को देखते हुए तो ये कीमत कुछ भी नहीं।
Amit // July 18, 2007 at 8:08 pm
बिलकुल, यही तो मैं भी कह रहा हूँ!!
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