पिछले भाग से आगे …..

पिछले भाग में हमने एक सरसरी नज़र डाली थी डीएसएलाआर(dSLR), ब्रिज(bridge)/प्रोज़्यूमर(prosumer) और प्वाइंट एण्ड शूट(point and shoot) कैमरों के फर्क, खूबियों और खामियों पर और एक नई फीचर इमेज स्टेबिलाईज़ेशन(image stabilization) पर।
कैमरा पसंद करते समय एक चीज़ और देखते हैं, कैमरा निर्माता। किसी भी विषय के संबन्ध में साधारणतया तीन तरह के लोग होते हैं:
- जिनको बिलकुल जानकारी नहीं होती
- जिनको थोड़ी बहुत जानकारी होती है
- एक्सपर्ट लोग, जिनको बहुत जानकारी होती है
तीसरे नंबर वाले लोगों के लिए यह लेख नहीं है, वे अपने निर्णय लेने में सक्षम हैं, उनको मुझसे बहुत अधिक जानकारी होती है, क्योंकि यहाँ कैमरों के मामले में मैं दूसरे नंबर की श्रेणी में आता हूँ; थोड़ी जानकारी है, अधिक पाने की चाह है।
पहली श्रेणी वाले लोग विज्ञापनों से अधिक प्रभावित होते हैं, जिस कंपनी का विज्ञापन जानदार, उनकी नज़र में वही कंपनी और उसका माल सबसे बढ़िया!! ऐसे लोग यदि समझ(अपनी नहीं, दूसरे जानकार व्यक्ति की) से काम नहीं लेते तो कई बार नुकसान उठाते हैं; अनुभव से बढ़िया तो कोई आचार्य आज तक हुआ नहीं!! भाग-२ में मैंने मेगापिक्सल भ्रांति के बारे में लिखा था कि कैसे कैमरा निर्माता मेगापिक्सल के दम पर कैमरे बेचने में लगे हैं। इस भ्रांति का शिकार अधिकतर पहली श्रेणी वाले लोग ही होते हैं। यदि आप पहली श्रेणी के हैं तो इसमें शरमाने वाली कोई बात नहीं है, हर कोई पहली सीढ़ी से ही शुरुआत करता है, जो तीसरी श्रेणी में आते हैं वे भी कभी पहली श्रेणी में ही थे। कोई चीज़ यदि मायने रखती है तो वह यह कि आप कितनी जल्दी पहली से दूसरी और दूसरी से तीसरी श्रेणी में जाते हैं।
तो पहले अब विज्ञापनों को ही देखते हैं। विज्ञापनों के मामले में यदि भारतीय टीवी को लें तो सोनी के साइबरशॉट कैमरों के विज्ञापन ही आप पाएँगे। दो-तीन वर्ष पहले तक कोडेक के फिल्म वाले कैमरों के विज्ञापन बहुत आते थे लेकिन अब आने बंद हो गए हैं, कोडेक को दिखाई दे रहा है कि फिल्म वाले साधारण कैमरे अब बिकने बंद हो रहे हैं, लोग डिजिटल कैमरे लेने पसंद कर रहे हैं। तो आज के समय में सोनी के विज्ञापन दिखाई देते हैं, जिस भी पहली श्रेणी वाले से पूछो, प्रायः सोनी का नाम ही भजता हुआ पाया जाएगा। क्या सोनी के कैमरे अच्छे होते हैं? इसका उत्तर प्रत्येक व्यक्ति अपने अनुसार देगा, मेरे अनुसार सोनी को कैमरे बनाने नहीं आते, इसलिए मैंने कभी सोनी के कैमरे को अपनी लिस्ट में नहीं डाला, क्योंकि अब तक सोनी का कोई कैमरा मेरी वांछित श्रेणी में मौजूद अन्य कैमरों के मुकाबले पर मुझे खरा उतरता नहीं दिखाई दिया। अभी कुछ दिन पहले की बात है, एक परिचित ने मुझसे पूछा कि सोनी का कौन सा कैमरा लें। मैं थोड़ा हैरान रह गया क्योंकि मैं अपेक्षा कर रहा था कि वे मुझसे पूछेंगे कि कौन सा कैमरा लें, लेकिन उन्होंने ब्रांड तो पहले से ही निर्धारित कर ली थी। जब मैंने पूछा कि सोनी का ही कैमरा क्यों लेना चाहते हैं तो पता चला कि उनको पता ही नहीं कि सोनी के अतिरिक्त भी कोई डिजिटल कैमरा बनाता है, उनको तो डिजिटल कैमरों का सोनी तक और फिल्म कैमरों का कोडेक तक ही ज्ञान था। फिर भी मैंने कहा कि सोनी के अतिरिक्त और भी कंपनियाँ हैं, तो वे बोले कि सोनी जितनी अच्छी तो नहीं होंगी, जब वो अपना विज्ञापन टीवी पर दिखाना अफ़ोर्ड(afford) नहीं कर सकतीं तो फिर ऐरी-गैरी कंपनियाँ होंगी जो सोनी जितनी अच्छी सर्विस न दे पाएँ। देखा जाए तो इसमें उनकी गलती नहीं है, कैमरा निर्माता ही भारत में अपना प्रचार अभी ठीक से नहीं कर रहे हैं, क्योंकि कदाचित् उनके अनुसार भारत में अभी डिजिटल कैमरे का कोई खास बाज़ार नहीं है। लेकिन यहाँ एक दूसरा पहलू विचारणीय है, सर्विस। सोनी की सर्विस अच्छी है इस पर लोगों से हर तरह के विचार जानने को मिल सकते हैं, कुछ इसके नाम की कसम खाने को तैयार हो जाएँ तो कुछ इसके इतने खिलाफ़ मिल जाएँगे कि आपने भी क्या किसी की खिलाफ़त देखी होगी!!
डिजिटल कैमरों की दुनिया में आजकल कुछ आम नाम हैं; कोडेक(kodak), सोनी(sony), कैनन(canon), निकोन(nikon), ओलम्पस(olympus) और पैनासोनिक(panasonic)। कुछ अन्य नाम भी मिल जाएँगे जैसे कि कैसिओ(casio), सैमसंग(samsung) और एचपी(HP)। जो लोग थोड़ी अधिक जानकारी रखते हैं उन्होंने कुछ और नाम भी पढ़/सुन रखे होंगे; रीको(ricoh), पेन्टैक्स(pentax), मिनोल्टा(minolta), लेएका(leica), सिग्मा(sigma)।
आम नामों में, कोडेक तो फिलहाल जगह हासिल करने की कोशिश कर रहा है, सोनी और पैनासोनिक ने कुछ जगह हासिल की है और तेज़ी से उभर कर आ रहे हैं, ओलम्पस इनसे आगे है और सबसे स्थापित खिलाड़ी हैं कैनन और निकोन। कैसिओ, सैमसंग और एचपी अभी फिलहाल दूसरी श्रेणी में हैं और इनको काफ़ी रास्ता तय करना है पहली श्रेणी में आने के लिए। रीको का अपना अलग मुकाम है, पेन्टैक्स और मिनोल्टा के डीएसएलआर चलते हैं(सोनी ने कुछ समय पहले मिनोल्टा की कैमरा कंपनी को खरीद अपना पहला डीएसएलआर बाज़ार में निकाला है), लेएका और सिग्मा वास्तव में लेन्स बनाने के लिए प्रसिद्ध हैं। सिग्मा निकोन/कैनन और अपने कैमरों के लिए सस्ते लेन्स बनाता है जिनको लेने वाले फोटोग्राफ़रों की जेबें प्रायः बड़ी नहीं होती। लेएका एक काफ़ी पुरानी जर्मन कंपनी है जिसके लेन्स की क्वालिटी(quality) का सिक्का सबसे अधिक खरा माना जाता है, यदि आपके पास इसका लेन्स है तो अपनी पसंद(taste) और जेब(लेएका के लेन्स काफी महंगे होते हैं) के कारण आपकी औकात दूसरों की नज़र में अपने आप बढ़ जाती है!! लेएका से बढ़िया लेन्स बनाने वाले के बारे में मुझे नहीं पता, हो सकता है कि कोई हो या न हो। कुछ कैमरा निर्माता अपने लेन्स स्वयं बनाते हैं या कदाचित् ऑऊटसोर्स करते हैं, लेकिन लेन्स उनके नाम से ही बिकता है, जैसे कैनन, निकोन, ओलम्पस। लेकिन कुछ कैमरा निर्माता एक(या एक से अधिक) प्रसिद्ध लेन्स निर्माता के साथ गठबंधन करते हैं और उनके लेन्स उनके नाम के ठप्पे के साथ ही प्रयोग करते हैं, जैसे कोडेक श्नेडर-क्रूज़नैक(Schneider-Kreuznach) के लेन्स प्रयोग करता है, सोनी कार्ल ज़ाइस(Carl Zeiss) के और पैनासोनिक प्रयोग करता लेएका(Leica) के लेन्स। लेकिन पैनासोनिक सिर्फ़ लेएका के लेन्स ही प्रयोग नहीं करता, वह उसके लिए कैमरे भी बनाता है जिनमें लेएका के मुताबिक थोड़ा फेर-बदल होता है और उस पर पैनासोनिक की जगह लेएका का ठप्पा होता है। वैसे कोई आवश्यक नहीं कि इन कैमरा निर्माताओं के प्रत्येक कैमरे में इन लेन्स निर्माताओं के लेन्स लगे हों, कुछेक सस्ते कैमरों में इनके लेन्स नहीं लगे होते क्योंकि कीमत पर वे माफ़िक नहीं बैठते। गौर करने वाली बात यह है कि ये तीनों लेन्स निर्माता जर्मन मूल के हैं, और जर्मन दक्षता और परिशुद्धता का लोहा लगभग सभी मानते हैं!!
तो बात यदि निजी सलाह की आती है तो मैं कैसिओ, सैमसंग और एचपी से दूर रहने की सलाह दूँगा, अभी इनके कैमरों को बहुत सफ़र करना है कि वे उस मुकाम पर पहुँच सकें कि कोई समझदार व्यक्ति इनको लेने की सोचे। अभी ये लोग दुबले-पतले कैमरे बनाने में लगे हैं, लेकिन हर चीज़ स्लिम अच्छी नहीं होती यह इनको समझना होगा। प्वाइंट एण्ड शूट कैमरों में सोनी को भी फिलहाल नज़रांदाज़ करना ही ठीक है, उसको अभी सुधार की आवश्यकता है। बेसिक प्वाइंट एण्ड शूट में कोडेक, कैनन और पैनासोनिक के कैमरे देखें। कोडेक एक पुराना नाम है, इसके कैमरों की जो एक खासियत है वह यह कि इसके कैमरों द्वारा ली गई तस्वीरों में रंगों की गहराई गजब की होती है, इस कंपनी ने लगभग पूरी बीसवीं शताब्दी रंगों के विज्ञान में रिसर्च की है, उसका फल तो मिलेगा ही, इसलिए बाकी कोई खासियत हो या न हो, रंगों की गहराई लगभग अद्वितीय होती है। अन्य निर्माता भी अब उसके निकट पहुँच रहे हैं, कैनन ने अपने निचले दर्जे के कैमरों पर भी ध्यान देना आरम्भ किया है और उसके कैमरे भी बेहतर होते जा रहे हैं। पैनासोनिक के पक्ष में जो बात है वह यह कि उसके कैमरों में उच्च क्वालिटी के लिए प्रसिद्ध लेएका के लेन्स प्रयोग होते हैं और उसके कैमरों का ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाईज़ेशन अद्वितीय है, इस श्रेणी के अन्य कैमरों में से किसी में इसकी बराबरी करने वाला इमेज स्टेबिलाईज़ेशन मिलना अति कठिन है, कैनन आदि का इमेज स्टेबिलाईज़ेशन इसके सामने मज़ाक लगता है!! निकोन के कैमरे ठीक हैं, लेकिन इनको सोनी के साथ मैं द्वितीय श्रेणी में रखना ठीक समझूँगा क्योंकि इसके कूलपिक्स सीरीज़ के प्वाइंट एण्ड शूट कैमरों में अभी उस तरह की क्वालिटी नज़र नहीं आती जो इस सेगमेन्ट की अन्य नामी ब्रांडों के कैमरों में दिखाई देती है, हालांकि इसको प्रयोग करने वाले बहुत से लोग इस बात से सहमत नहीं होंगे(क्यों जीतू भाई?)।
ब्रिज/प्रोज़्यूमर कैमरों में दो नाम शीर्ष पर हैं, कैनन और पैनासोनिक। जहाँ कैनन के पॉवरशॉट S3IS ने सस्ते मामले में प्रोज़्यूमर कैमरा लेने वालों को लुभाया है वहीं जो थोड़ा अधिक रोकड़ा खर्च करने से नहीं हिचके उनकी पसंद बिग बॉस प्रोज़्यूमर कैमरा, पैनासोनिक ल्यूमिक्स FZ50 रहा है जिसके 35mm से 420mm के 12x ऑप्टिकल ज़ूम वाले लेएका लेन्स ने और गजब की प्रभावशाली इमेज स्टेबिलाईज़ेशन ने बहुत से एक्सपर्ट्स को लुभाया है, हालांकि इन दोनो ही में अपनी-२ खामियाँ भी हैं। जून 2007 में कैनन ने अपने S3IS का अगला वर्जन S5IS निकाला, वहीं पैनासोनिक ने एक सस्ता प्रोज़्यूमर कैमरा FZ8 निकाला है और दूसरे बिग-बॉस FZ18 को सितंबर में निकालने वाला है जिसकी स्पेसिफ़िकेशन(specification) आदि देख लग रहा है कि यह कैमरा धूम मचा देगा। कैमरों की यह प्रोज़्यूमर श्रेणी तेज़ी से गर्माती जा रही है, कैमरा निर्माता इस श्रेणी के फोटोग्राफ़रों की ज़रूरतों को समझ रहे हैं और यह भी समझ रहे हैं कि बहुत से लोग प्वाइंट एण्ड शूट के ऊपर कुछ चाहते हैं लेकिन डीएसएलआर की सिरदर्दी नहीं चाहते!! इस श्रेणी में ओलम्पस भी उभरकर आ रहा है, सोनी तो खैर अपने पैर जमाने की कोशिश कर ही रहा है, कोडेक भी पीछे नहीं रहना चाहता।
डीएसएलआर श्रेणी में कैनन और निकोन छाए हुए हैं, इनका कोई जवाब नहीं। लेकिन यदि किसी को अन्य विकल्प देखने हैं तो ओलम्पस एक सस्ता विकल्प है जिसके कैमरे अच्छे होते हैं, पेन्टैक्स भी बाज़ार में है। पैनासोनिक ने कुछ समय पहले ही अपना पहला डीएसएलआर निकाला था और इधर कोनिका-मिनोल्टा की कैमरा डिविज़न को खरीद सोनी ने मिनोल्टा के एक डीएसएलआर में थोड़े से फेर-बदल कर अपना भी पहला डीएसएलआर कैमरा बाज़ार में उतारा। और इनके साथ ही लेएका भी बाज़ार में है, जिसका कैमरा तो पैनासोनिक बनाता है और लेन्स लेएका का अपना होता है।
इस श्रृंखला के इस अंतिम भाग में यही कहना चाह रहा हूँ कि विज्ञापनों के आगे भी बाज़ार है, इसलिए सिर्फ़ विज्ञापनों पर मत जाईये। मेरे पास पूरे दो माह का समय था अपने नए कैमरे के बारे में निश्चय करने का, क्योंकि दो महीने बाद मेरा एक मित्र ऑफिस टूर पर अमेरिका जा रहा था और मैंने सोच रखा था कि उसके हाथ ही अमेरिका से मंगवा लूँगा अपना कैमरा, सस्ता भी मिलेगा(यहाँ दिल्ली के मुकाबले आधे से कम दाम में मिला आखिरकार) और मंगवाने में लगने वाले पैसे भी बचेंगे!!
इसलिए मैंने दो माह तसल्ली से रिसर्च की थी, कई कैमरे देखे, डीएसएलआर लेने के बारे में भी सोचा, कई रिव्यू पढ़े, लोगों से उनकी राय जानी, कैमरों की लिस्ट फाइनल की तो यहाँ एकाध बड़ी दुकानों में जाकर कैमरे हाथ में ले चला कर भी देखे और अंत में पैनासोनिक ल्यूमिक्स FZ50 को लेना तय किया। डिजिटल कैमरा खरीद आप एक तरह से अपना पैसा उसमें निवेश कर रहे हैं, इसलिए अच्छी तरह से रिसर्च करें कि क्या उपलब्ध है और कितने का उपलब्ध है, बाज़ार की उसके बारे में क्या प्रतिक्रिया है, एक्सपर्ट्स का क्या कहना है, खूबियों और खामियों का विशलेषण करें, हो सके तो दुकानों में जाकर कैमरा चला कर देखें और सोच समझ कर अपना पैसा लगाएँ। इस तरह से कदाचित् थोड़ा समय लग जाए लेकिन नतीजे आपको अच्छे ही मिलेंगे।

25 responses so far ↓
रवि // August 16, 2007 at 10:28 am
लाजवाब आलेख. कैमरों पर आपका रिसर्च और ज्ञान भी लाजवाब है.
paramjitbali // August 16, 2007 at 2:51 pm
बहुत बढिया व ज्ञानवर्धक जानकारी दी है। धन्यवाद ।
प्रियंकर // August 16, 2007 at 3:26 pm
जो भी डिज़िटल कैमरा खरीदने के इच्छुक हैं उन्हें यह लेख अनिवार्यतः पढना चाहिए .
चरणबद्ध रूप से डिज़िटल कैमरे के सभी पक्षों का बेहद सरल भाषा में निरूपण सामान्य पाठक/उपभोक्ता के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा .
Amit // August 16, 2007 at 3:57 pm
धन्यवाद रवि जी, परमजीत जी और प्रियंकर जी।
अभी लाजवाब नहीं है रवि जी, सिर्फ़ थोड़ा बहुत ही पता है, मैं भी इस मामले में अपनी खामियों को दूर करने और ज्ञान बढ़ाने में लगा हूँ।
समीर लाल // August 16, 2007 at 4:20 pm
बहुत बढिया व ज्ञानवर्धक, आभार एवं साधुवाद.
yunus // August 16, 2007 at 10:22 pm
बेहतरीन । ज्ञान तो था पर आपने ज्ञान चक्षु और खोल दिये । मैंने अपनी रिसर्च और जेब के मद्देनजर डेढ़ साल पहले कैनन 540 लिया था ।
मैं इस कैमेरे से संतुष्ट हूं । आपकी इस कैमेरे के बारे में क्या राय है
Amit // August 17, 2007 at 12:48 am
धन्यवाद समीर जी और युनुस जी।
युनुस जी, आपके कैमरे के बारे में मेरा कोई ख्याल नहीं है। पढ़ा था कि यह सस्ता कैमरा आया था कैनन की ओर से जिसमें कई मैनुअल कंट्रोल दिए गए थे। इसके बारे में कुछेक रिव्यू अच्छे आए थे; बहुत से लोगों ने इसके लेन्स और शटर के बारे में दिक्कत बयान की थी तो कुछ लोगों ने इसके पॉजिटिव रिव्य़ू भी दिए थे कि ऐसी कोई दिक्कतें उनको इस कैमरे से नहीं आईं। बाकी मेरा इस कैमरे से कभी इत्तेफ़ाक नहीं हुआ और ना ही मैंने इसमें रूचि ली तो इसलिए अधिक मुझे इसके बारे में नहीं पता।
RC Mishra // August 22, 2007 at 12:47 pm
DR PRABHAT TANDON // August 22, 2007 at 1:58 pm
धन्यवाद अमित ! बहुत सी नयी जानकरी लेने के बाद मै अब शायद अपने कैमेरे का चुनाव अच्छी तरह से कर सकता हूँ ।
DR PRABHAT TANDON // August 22, 2007 at 2:02 pm
quality को देखते हुये अमित क्या फ़र्क है स्लिम और बगैर स्लिम कैमरों में ।
Amit // August 22, 2007 at 3:59 pm
धन्यवाद मिश्रा जी और प्रभात जी।
ऐसा नहीं है कि स्लिम कैमरे बेकार ही होते हैं। जिस तरह कोई आवश्यक नहीं कि हट्टे-कट्टे कैमरे अच्छे ही होंगे उसी तरह स्लिम पर भी एक ही नियम लागू नहीं होता। लेकिन यदि आप किसी चीज़ में कुछ फीचर आदि डाल रहे हैं तो उसके लिए हार्डवेयर भी चाहिए और फिलहाल मेरी जानकारी अनुसार कार्ड जितने स्लिम कैमरों में “उतना” दम नहीं होता। दूसरी बात लेन्स की भी है। अब कई स्लिम कैमरे ऐसे आते हैं जिनका लेन्स कैमरा यूनिट के अंदर ही होता है, तो लेन्स उसमें अधिक बेहतर क्वालिटी का नहीं हो सकता और ऑप्टिकल ज़ूम यदि है तो बहुत कम(अमूमन 3x) ही होगा, क्योंकि जगह नहीं इतना सब डालने की। ज़ाति तौर पर मैंने आजकल मिलने वाले कार्ड स्लिम कैमरे प्रयोग कर नहीं देखे हैं इसलिए पक्के तौर पर नहीं कह सकता लेकिन उनके इन-यूनिट लेन्स द्वारा उपलब्ध ज़ूम पर मुझे शक ही है।
प्राय: स्लिम कैमरे नए उपभोगताओं के लिए होते हैं जिनको अपने कैमरे से अधिक दम-खम अपेक्षित नहीं है, या जिनका बजट कम होता है। कुछ उँचे स्तर के फोटोग्राफ़र आदि भी कमपैक्ट कैमरे पास में रखते हैं क्योंकि वे उनके रेगुलर बड़े कैमरों के मुकाबले हल्के और छोटे होते हैं इसलिए साथ रखने में दिक्कत नहीं होती।
Aks // August 23, 2007 at 4:22 pm
very good series sir, will be of good help when i buy my next camera in a year or so.
rahul // August 31, 2007 at 12:46 am
आप की वजह से मेरा दीजीतल कैमरे का वीशय का ज्ञान मैं भारी अभिवृद्धि हुई है
Amit // August 31, 2007 at 1:07 am
धन्यवाद अक्स।
राहुल, मेरी डिजिटल कैमरे की इस शृंखला से आपके ज्ञान में वृद्धि हुई यह जान मुझे प्रसन्नता हुई।
DR PRABHAT TANDON // September 14, 2007 at 8:05 am
अमित जी मै कैनन के Canon Powershot A710 IS
( 7 Megapixel , 6x Optical Zoom) या Canon Powershot A570IS
(7 Megapixel, 4x Optical Zoom w/ Image Stabiliser) मे से किसी एक को खरीदने का मन बना रहा हूँ , आप की राय जानना चाहूगाँ कि यह कैसे हैं और मै इन दोनों मे से किसको prefer करूँ ।
Amit // September 15, 2007 at 5:11 am
प्रभात जी, Canon A710 IS एक बढ़िया कैमरा है, A570 IS की जगह मैं A710 IS का ही सुझाव दूँगा। वैसे A720 IS भी आ गया है जो कि A710 IS का अगला वर्ज़न है। A710 IS की बाज़ार में कमी हो रही है, नया वर्ज़न आने के कारण इसके दाम भी गिर रहे हैं और यह सस्ते में उपलब्ध है। रिटेल में यह तकरीबन 13 हज़ार रूपए का उपलब्ध है। यदि इतने पैसे खर्च करने की सोच ही रहे हैं तो मैं सुझाव दूँगा कि एक बार S3IS पर भी नज़र मार लें, क्योंकि इसका रिटेल दाम S5IS के आने से काफ़ी गिरा है पिछले एक-दो महीनों में और आज यह तकरीबन 15 हज़ार रूपए में उपलब्ध है और इसके साथ कैनन वाले आपको लगभग 5 हज़ार रूपए का माल(SD Card, batteries, charger वगैरह) फ्री दे रहे हैं और यदि A710 IS और S3IS की तुलना करेंगे तो S3IS बेहतर कैमरा ही निकलेगा।
A720 IS का सुझाव मैं इसलिए नहीं दूँगा क्योंकि A710 IS के मुकाबले उसमें खास कुछ अधिक नहीं है, जैसे सिर्फ़ एक मेगापिक्सल अधिक है!! इन कारणों से उसमें फालतू पैसे डालने का कोई लाभ नहीं है!
आप A570 IS, A710 IS और A720 IS के फीचर्स की तुलना यहाँ देख सकते हैं।
DR PRABHAT TANDON // September 15, 2007 at 5:42 am
धन्यवाद अमित ! कैनन का S3IS तो वाकई मे काफ़ी अधिक फ़ीचर के साथ है । कोई साईट बतायें जहाँ latest prices के बारे मे जानकारी मिल सके और जो regular update भी होती रहती हो । वैसे मै अभी तक jjmehta.com पर ही सर्च करता रहा हूँ ।
Amit // September 15, 2007 at 6:44 am
प्रभात जी, भारत संबन्धी और भारतीय मुद्रा में दाम के अंदाज़े के लिए मैं भी वही वेबसाइट देखता हूँ, अन्य कोई मेरी नज़र में नहीं है जो सही दाम बताती हो। jjmehta वाली भी बिलकुल सही दाम नहीं बताती, वहाँ वह दाम होता है जितने का वे लोग बेच रहे होते हैं, लेकिन उनके दाम से कुछ अंदाज़ा हो जाता है। अपनी पिछली टिप्पणी में मैं आपको अंदाज़न कीमतें इसलिए बता पाया क्योंकि 2-3 सप्ताह पूर्व मेरा दिल्ली के क्नॉट प्लेस स्थित महाटा एण्ड कंपनी की दुकान में जाना हुआ था और वहीं मुझे ये दाम कैनन के विज्ञापन वाले पोस्टर से पता चले थे! jjmehta पर S3IS तकरीबन बीस हज़ार रूपए का है क्योंकि वो साथ में अपना सामान बंडल करके दे रहा है, जबकि उस सबकी आवश्यकता नहीं है क्योंकि वो तो अब कैनन की ओर से मिल रहा है और वो भी पाँच हज़ार कम में!
राजीव // September 20, 2007 at 12:59 am
डिजिटल कैमरे के बारे में विस्तृत जानकारी के लिये यह लेख श्रृंखला बहुत ज्ञानवर्धक है और उपयोगी भी। लगभग सभी पहलुओं को काफी विस्तार से समझाया गया है, कैमरे के अलग अलग कार्यकारी भागों का, लब्ध प्रतिष्ठित कम्पनियों और समकालीन मॉडलों के अच्छे-बुरे बिन्दुओं पर भी प्रकाश डाला गया है। कम्पनियों की विशिष्ट दक्षताओं का भी उल्लेख भली भाँति किया गया है।
Amit // September 20, 2007 at 1:28 am
धन्यवाद राजीव जी।
ajay // October 3, 2007 at 8:47 am
amit sir
main aap ko 1st post lihk reha hu.
hindi main na lihk paane ka khed hai, chama chaunga.
main ye jaanaa chata hu ki jo rate aapne canon s3is or s5is ka dia hai aur jo rate canon ki website per liha hai usmain bahut antar hai.
aisa kyon?
aapke reply ka intjaar rehaga
aur main ye bhi janna chata hu ki ab in digicam ka latest rate kia hoga aur sath main kya gift free mil reha hai?
reply jaldi se kariyga
thanks.
ajay singh from nainital.
Amit // October 3, 2007 at 12:35 pm
अजय बाबू, जो रेट मैंने बताए हैं S3IS तथा S5IS के वे दिल्ली में एक अधिकृत रिटेलर से प्राप्त किए गए हैं। उदाहरण के लिए देखिए, मेरे पैनासोनिक के कैमरे का रेट पैनासोनिक की अमेरिका की वेबसाइट पर $600 था जबकि मैंने अमेरिका में ही स्थित पैनासोनिक द्वारा अधिकृत एक वेबसाइट से उसको $450 में खरीदा बिलकुल ब्रांड न्यू (brand new)। मेरे पास इस समय का ताज़ा रेट नहीं है इन दोनों कैनन कैमरों का, S5IS के रेट में अभी कोई गिरावट नहीं आई होगी और S3IS बाज़ार से खत्म ही है, किसी के पास आपको मिल जाए तो अपनी खुशनसीबी समझिएगा!!
और हिन्दी में लिखने हेतु यहाँ देखिए।
ajay // October 3, 2007 at 2:52 pm
kya app mujhe us retailer ka address de sakte hain
web address.
Manoj // December 6, 2007 at 11:01 pm
Hi अमित जी,
मैं एक digital camera लेने की सोच रहा हूँ. Canon PowerShot SD1000 7.1MP Digital Elph Camera with 3x Optical जूम.
आप क्या सोचते हैं इस camera के बारे मे? slickness मेरे लिए एक बेहद important issue है . मेरा बजट लगभग १००००-१२००० है और मैं इसे USA से मंगवाने की सोच रहा हूँ.
Please suggest a good camera .
Thanks a lot for all the information,
Manoj
Amit // December 7, 2007 at 2:23 am
मनोज जी, यदि आपका बजट १०-१२ हज़ार है तो मैं आपको यही सलाह दूँगा कि इस कैमरे के अतिरिक्त कोई बेहतर कैमरा देखिए। यदि आपको स्लिक कैमरा ही चाहिए तो भी इससे बेहतर कई मॉडल उपलब्ध हैं। आप पैनासोनिक का DMC-TZ3 देख सकते हैं जो कि आपको 8.5 मेगापिक्सल और 10x ऑप्टिकल ज़ूम देगा, साथ ही उसमें 28mm का वाइड एंगल भी है। देखा जाए तो SD1000 से काफ़ी बेहतर कैमरा है और आपके बजट में भी समा जाएगा। यदि आप इसको अमेरिका से किसी मित्र आदि के हाथ मंगवाने की सोच रहे हैं तो आप इसको अमेज़न.कॉम से ले सकते हैं जहाँ यह आपको तकरीबन $240(तकरीबन 9500 रूपए) का पड़ेगा। ऑनलाईन ही खरीदें और अमेरिका में अपने मित्र के ठहरने के ठिकाने या ऑफिस में डिलिवरी करवा लें। इस समय तो वैसे भी छुट्टियों का समय है वहाँ और क्रिसमस का समय है, दाम कम हुए होंगे इनके। साथ में इसके आप सैनडिस्क का Ultra II वाला 2GB का SD card लें जो कि अमेज़न.कॉम पर ही आपको तकरीबन $20 का मिल जाएगा। और इन दोनो चीज़ों के साथ आपका मामला सैट हो जाना चाहिए।