
( यह फोटो इस मूल फोटो से पंगे लिए होने का नतीजा है। )
एक बार में एक दिन जीयो; पीछे मुड़ देखकर दुख न करो क्योंकि जो बीत गया सो बीत गया, भविष्य के बारे में सोच चिन्तन न करो क्योंकि वह अभी आया नहीं है। आज को जीयो और उसको इतना अच्छा बनाओ कि वो यादगार बन जाए।
- अज्ञात


17 responses so far ↓
pankaj bengani // September 23, 2007 at 10:39 am
ठीक है तो फिलोसोफर टाइप का कुछ बन गए हो. ह्म्म्म्म…
फीस कित्ती है बाबु
अनूप शुक्ल // September 23, 2007 at 1:10 pm
बधाई हो। शानदार बीते ये वाला साल, आने वाला हर साल!
Aks // September 23, 2007 at 1:56 pm
happy b’day sir ji
Pratik Pandey // September 23, 2007 at 2:30 pm
“तुम जिओ हज़ारों साल, हर साल के दिन हों पचास हज़ार”
केवल वर्तमान, प्रस्तुत क्षण ही सत्य है। भूत-भविष्य आदि बाक़ी सब कल्पना है।
Amit // September 23, 2007 at 2:33 pm
पंकज बाबू, फिलासोफ़र तो हर व्यक्ति के अंदर होता है, समय अनुकूल होना चाहिए और मूड हो तो हर व्यक्ति के अंदर का फिलासोफ़र बाहर आ जाता है!
धन्यवाद अनूप जी, अक्स और प्रतीक भाई।
वर्तमान सत्य है यह बात ठीक है, भूत भी सत्य है कल्पना नहीं क्योंकि वह बीत चुका है, भविष्य अवश्य एक कल्पना है क्योंकि उसके बारे में कोई जानता नहीं।
जीतू // September 23, 2007 at 4:13 pm
तुम तो यार चीन के वासी लगते हो, जो अपने जन्मदिन पर दु:खी होते है कि एक साल और कम हो गया। अमां भारतीय हो, जियो जी भर कें। तुम जियो हजारों साल, साल के दिन हो पचास हजार।
Sanjeet Tripathi // September 23, 2007 at 6:04 pm
बधाई!!
अज्ञात ने बहुत सही कहा है!!
mamta // September 23, 2007 at 7:32 pm
बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनायें !!
समीर लाल // September 23, 2007 at 8:58 pm
वाह जी वाह, बहुत बहुत बधाई हो. ऐसे ही बेहतरीन साल दर साल गुजरते रहें. शुभकामनायें.
Amit // September 23, 2007 at 9:48 pm
अरे किसने कहा की मैं दुखी हूँ? मैंने तो सिर्फ़ अपने को बताने के लहज़े से लिखा कि एक साल और बीत गया, ज्ञान तथा अनुभव में और इज़ाफ़ा हुआ।
बधाई और शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद संजीत जी, ममता जी और समीर जी।
राजीव // September 23, 2007 at 10:56 pm
एक और मील के पत्थर को पार करने की बधाई। ऐसे अनेकों ही और भी मील के पत्थरों को सुगमता से नाप लेने की शुभकामनाएं भी।
उन्मुक्त // September 24, 2007 at 9:01 am
बधाई
sanjay bengani // September 24, 2007 at 9:54 am
ए लो हैप्पी ब’डे था और हम कैक खाने वालों में पीछे रह गये!!
भई माफ करना अपने हिस्से की कैक लेने में देरी हुई. आशा है बुरा नहीं मानोगे.
और हाँ कैक के साथ वो मुबारकबाद देनी होती है इसलिए “हिप्पी बर्थ डे”.
Moonie // September 24, 2007 at 10:41 am
फ़ोटो मे नीला अछ्छा लग रहा है, हरा नही।
जन्मदिन मुबारक हो!
Amit // September 24, 2007 at 4:51 pm
धन्यवाद राजीव जी, उन्मुक्त जी और मूनी जी।
नहीं, बुरा मानने वाली कोई बात नहीं है जी!
धन्यवाद
नीला? वह जामुनी है जिसका हल्का शेड गाजर से लाल रंग के ऊपर है। अन्य कहीं नीला नहीं है!
Moonie // September 25, 2007 at 12:19 pm
मे मूल फ़ोटो मे peacock blue की बात कर रही थी! उसकी जगह हरा अजीब लग रहा हे।
क्या आपने कल का मेच देखा? हम जीत गये !!
Amit // September 25, 2007 at 6:08 pm
मूल रंग तो मोर का सुन्दर होता ही है इसमें कोई शक नहीं, लेकिन लीक से ज़रा हट के प्रयोग करने में क्या जाता है!
जी बिलकुल देखा था, बहुत अच्छा प्रदर्शन था दोनों टीमों का, पाकिस्तान की टीम भी अपने बढ़िया प्रदर्शन के लिए शाबाशी की हकदार है, वे मैच लगभग निकाल ले ही गए थे, पर अपने बंदे डटे रहे।
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