….. पहले से बेहतर और तीव्र !!!
अरे पूछो तो सही क्या आ रहा है!! चलो बताए देते हैं। हम बात कर रहे हैं नारद की। नारद जी नाराज़ होकर बैकुन्ठ धाम चले गए थे नारायण नारायण भजते हुए, किन्हीं अज्ञात और गोपनीय कारणों के तहत उनका मन खिन्न हो गया था और इसलिए वापस न आने की ठाने लिए थे!! अब उन कारणों की तो खैर अभी छोड़िए, वापस आना अधिक महत्वपूर्ण था, इसलिए नए रूप में जल्द ही सभी के सामने प्रकट होगा हर दिल अज़ीज़ लोकप्रिय हिन्दी ब्लॉग एग्रीगेटर - नारद।
अब हो सकता है कि सफ़ेदी की चमकार वाले साबुन के विज्ञापन वाले बोमन ईरानी की भांति कोई पूछ ले कि भई सबूत है क्या!! वैसे तो ऐसा होता नहीं लेकिन आजकल सभी कुछ संभव है, जैसे कुछ लोगों ने तो कुछ दिन पहले कदाचित् घोषणा ही कर दी थी कि नारद का अस्तित्व समाप्त हो गया है, नारद एक भूली बिसरी याद बन रह गया है। तो इसलिए जनाब सबूत भी है, वह आप नारद पर जाकर स्वयं देख सकते हैं, नारद से नवीनतम ब्लॉग प्रविष्टियों की फ़ीड जनता जनार्दन के लिए उपलब्ध करा दी गई है और इसका वेब इंटरफ़ेस (interface) भी शीघ्र ही आम जनता के लिए उपलब्ध हो जाएगा (फिलहाल मेकअप आदि के आखिरी दौर से गुज़र रहा है)। तो जिन बंधुओं ने नारद के ओके टाटा बॉय बॉय की घोषणा की थी उनसे खासतौर से सप्रेम निवेदन है कि थोड़ी प्रतीक्षा और करें, तीव्र गति से नारद जी जनता के सामने पेश होने के लिए आ रहे हैं, थामे रहिए अपने दिल और उसकी धड़कनें!! ![]()


16 responses so far ↓
Tarun // November 6, 2007 at 7:28 am
झलक दिखला जा, झलक दिखला जा, एक बार फिर से आजा आजा आजा।
दो दो खबर एक साथ, पहली नारद के लापता होने की और दूसरी नारद के मिल जाने की। हमें ये दोनों ही बात आज पता चली है। चलो जल्दी से पर्दा गिराया जाय
नितिन // November 6, 2007 at 7:29 am
प्रभु जल्द दर्शन दो।
समीर लाल // November 6, 2007 at 7:33 am
भयंकर इन्तजार है..लाओ लाओ//// कब तक इन्तजार करवाओगे भाई मेरे.
प्रमेन्द्र प्रताप सिंह // November 6, 2007 at 7:46 am
नारद के नवीन रूप में आने पर हार्दिक बधाई, निश्चित रूप से नारद हिन्दी चिट्ठाकारी का महत्वपूर्ण स्तम्भ रहा है।
नारद के नये रूप की प्रतीक्षा है किन्तु रंगों की पृष्टभूमि पुरानी ही मनोहारी थी और रहेगी। कृपया इसका ध्यान अवश्य रखें।
शुभ कामनाओं सहित
प्रमेन्द्र प्रताप सिंह
कृपया नये रूप में महाशक्ति समूह को भी शामिल करने का कष्ट कीजिऐगा।
http://mahashaktigroup.blogspot.com
sajeev // November 6, 2007 at 7:57 am
yeh hui na baat, intezaar hai
kakesh // November 6, 2007 at 12:05 pm
नये रूप की प्रतीक्षा है. नया रूप बढ़ चढ़ कर बोले और तीव्र से तीव्रतम हो इन्ही शुभकामनाओं के साथ.
Amit // November 6, 2007 at 1:58 pm
समीर जी, बस थोड़ी प्रतीक्षा और, जब इतनी की है तो एकाध दिन और में क्या फर्क पड़ेगा!!
जल्द ही शुभ मुहूर्त में नारद का नया वर्ज़न लाँच होगा।
प्रमेन्द्र बाबू, हमका काहे बता रहे हैं ब्लॉग का पता, सुनो-नारद वाले ईमेल पर बताईये!!
Rachna // November 6, 2007 at 2:00 pm
kya baat hae
deep diwali kae
aur aatishbazi narad kii
aap sab ke kam kae jhbae ko salam
deepawali aap sab ko shubh ho
Amit // November 6, 2007 at 2:04 pm
आपको भी दीपावली मुबारक हो रचना जी।
सुनीता(शानू) // November 6, 2007 at 3:50 pm
वाह स्वागत है भाई…वैसे भी जो इतने अजीज़ है सबके भला छोड़ कर कैसे जा सकते थे…
paramjitbali // November 6, 2007 at 11:13 pm
स्वागत है…
Sanjeet Tripathi // November 7, 2007 at 12:33 am
एक दिन मे दो बार अलग अलग लोगों से खबर मिली मतलब कि अब नारद के पुर्नअवतरित होने मे देर नही, शुभकामनाएं
kakesh // November 7, 2007 at 6:30 am
देख लिया जी. सचमुच बड़ा तेज है भाई. मजा आ गया जी. मौजा ही मौजा,मौजा ही मौजा.
पुनीत ओमर // November 14, 2007 at 9:22 pm
hamko bhi intajaar hai. dekhte hain kya aata hai naye roop me.
nitesh sinha // November 19, 2007 at 9:03 pm
bhai is kalyug k naarad ka intzaar har kisi ko hai…dekhe kab kis roop me hamare samne aate hain….narayan!! narayan !!
Amit // November 20, 2007 at 1:41 am
पुनीत जी, नितेश जी, नारद तीव्र कब का लाँच हो चुका है, अभी तक नहीं देखा है तो देख डालिए।
Leave a Comment