भई लोगन के इंटरव्यू छपे रहते हैं ईयहाँ वहाँ तो हम भी सोचा करते कि हमार नंबर कभी लगेगा। आखिरकार हमार नंबर भी लग गया तो हम काहे पीछे रहे ढोल पीटन से। वैसे तो हम अपनी बड़ाई स्वयं नाही करते पर सोचे कि ई दफ़ा करे लेते हैं।
कहाँ छपा? अरे भईया ऐसन वैसन जगह नाही, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर छपा है!!
भला हो ग्लोबल वॉयसिस की पाउला का जो हमार साक्षात्कार….. अरे भई इंटरव्यू…. अब इतनी तो अंग्रेज़ी आनी चाहिए जमाना कितना गला-काट प्रतियोगिता का हो गया है! हाँ तो जैसा हम कहे रहे थे, भला हो ग्लोबल वॉयसिस की पाउला का जो हमार साक्षात्कार लिए और छापे दिए। तो आप सब लोगन भी पढ़ लीजिए हमार साक्षात्कार।

12 responses so far ↓
दिनेशराय द्विवेदी // February 18, 2008 at 7:37 am
हमने आप का इंटरव्यू पढ़ा। आप के बारे में जाना।
ghughutibasuti // February 18, 2008 at 8:30 am
बधाई हो बधाई ! हो जाए कुछ मिठाई !
साक्षात्कार पढ़ा । अधिकतर सिर के ऊपर से निकल गया ।
घुघूती बासूती
pramendra pratap singh // February 18, 2008 at 8:46 am
बधाई हो भइया, गजब का बाऊंसर मारे हो
उन्मुक्त // February 18, 2008 at 8:54 am
बधाई हो।
kakesh // February 18, 2008 at 10:15 am
बधाइयाँ कहाँ हैं मिठाइयाँ.
Moonie // February 18, 2008 at 10:25 am
arre wah aapne to apana naam roshan kar diya! mubarak ho!
Sanjeet Tripathi // February 18, 2008 at 1:05 pm
वधाई हो जी वधाई!!
Jagdish Bhatia // February 18, 2008 at 2:30 pm
छा गये बंधू। बधाई हो।
आपके बारे में बहुत कुछ जानते थे अब और भी बहुत कुछ जान लिया।
mamta // February 18, 2008 at 4:16 pm
बधाई हो !
Amit // February 18, 2008 at 5:40 pm
आप सभी का धन्यवाद।
सागर नाहर // February 18, 2008 at 8:21 pm
बहुत बहुत बधाई अमित जी,
Amit // February 20, 2008 at 9:19 pm
धन्यवाद सागर जी